ये अंदर की बात है

नीरज बधवार

बीसीसीआई की मीटिंग जारी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा- तो जेंटलमैन कुछ रहा तो नहीं? मिस्टर मोदी, आप बताएं।-जी मुझे तो नहीं लगता। टीमें हमने पहले ही बेच दी, खिलाड़ियों की बोली लग चुकी, टीवी राइट्स का मामला भी सैटल हो चुका। बीसीसीआई को इवेंट से मिनिमम साढ़े तीन हजार करोड़ का फायदा होने की उम्मीद है। साढे़ तीन हजार करोड़॥ क्या बात कर रहे हैं आप? इतना बड़ा झमेला हमने क्या इस मामूली रकम के लिए मोल लिया है? साढे़ तीन हजार इज नथिंग ...ये तो चिल्लर भी नहीं है। जेंटलमैन, आई एम वैरी मच सीरियस। आज और अभी हमें इस समस्या का हल निकालना है। आप लोग बताएं, किन-किन तरीकों से हम और पैसा कमा सकते हैं। मिस्टर मोदी, आप ही बताएं। मोदी जो उस वक्त कागज पर कुछ लकीरें खींच रहे थे, गर्दन ऊपर उठाते हैं। स्लो मोशन में पानी का गिलास उठाते हैं। छत की तरफ देखते हैं। कुछ सेकंड का पॉज लेते हैं, फिर कहते हैं- सर, करने को तो हम काफी कुछ कर सकते हैं। आई हैव फ्यू प्लैन्स। सबसे पहले तो हम ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर संबंधित चैनल से कह सकते हैं कि हमें डील अंडरपेड लग रही है। या तो आप हमारे कहे मुताबिक पैसे दें, वरना डील कैंसल मानी जाएगी। चैनल प्यार से मान जाए तो ठीक वरना उस पैसे की भरपाई के लिए कुछ सजेशन भी दे सकते हैं। मसलन शोएब अख्तर जैसे तेज गेंदबाजों के रनअप के बीच चैनल चाहे तो पांच सेकंड का ऐड दिखा सकता है। अब चैनल यह तर्क दे कि सभी गेंदबाजों का रनअप शोएब जितना बड़ा नहीं है, तो इसका भी हमारे पास इलाज है। सभी खिलाड़ी हमने खरीदे हैं इसलिए हम उन्हें हिदायत देंगे कि तुम भी लंबा रनअप लो और ज्यादा भागने की जरूरत नहीं है, हो सके तो पैदल चल कर बॉल फेंकने आओ। इससे गेंदबाज को भी आराम मिलेगा, चैनल का रेवेन्यू बढ़ेगा और हमारा भी काम हो जाएगा। दूसरा ये कि ट्वेंटी-ट्वेंटी टूर्नामेंट में चीयर गर्ल्स होती हैं। मैंने काफी लड़कियों में चीयर गर्ल बनकर नाचने की हसरत देखी है। हम चाहें तो इस लोकप्रियता को भी एनकैश कर सकते हैं। इसे लेकर किसी टीवी चैनल पर नच बलिए टाइप एक प्रोग्राम शुरू करने की बात कर सकते हैं। कार्यक्रम के शुरू में घोषणा की जाएगी कि उसके विजेता और उप विजेताओं को आईपीएल सीरीज के मैचों में बतौर चीयर गर्ल नाचने का मौका दिया जाएगा। जिस चैनल पर ये कार्यक्रम दिखाया जाएगा, उससे हम बडे़ पैसे में इसका सौदा करेंगे। मगर इसे लेकर मेरी एक छोटी सी शर्त है। अधिकारी- वो क्या? -सर, आप तो जानते हैं कि मुझे टीवी पर आने का कितना शौक है? तो ... तो इस कार्यक्रम में जो तीन जज होंगे, उनमें से एक मैं रहूंगा। इसके अलावा एक और पहलू जिसमें काफी व्यावसायिक संभावनाएं मुझे दिखती हैं, वो है खिलाड़ियों के आपसी झगड़े। जैसे सायमंड्स-भज्जी विवाद। मैंने इस पूरे केस की स्टडी की तो पाया कि सिडनी टेस्ट से अब तक टीवी ने 468 घंटे और अखबारों ने 17 हजार कॉलम इस विषय को दिए हैं। पब्लिक इंट्रेस्ट से जुड़ी हर चीज जब आज बेची जा रही है तो क्यूं न इन झगड़ों को भी बेचा जाए। टैलंट हंट शो वाले प्रतिभागियों के बीच प्रोजेक्टेड लड़ाई करवा कर जब लावा लूटते हैं, तो हम ऐसा क्यूं नहीं कर सकते?

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