बाल ठाकरे के साथ खडा होना नही चाहता

यतीश
हाल ही में बाल ठाकरे ने सामना में टीवी मीडिया को आडे हाथो लेते खरी खरी सुनायी...कहा कि टीवी पत्रकार एक Visual को बार बार एसे दिखाते हैं...जैसे पता नही क्या हो गया...टीवी में किसी भी सीन को लूप में लगाकर एसे पेश किया जाता है कि देश में सिर्फ यही अंतिम सच है...मैं भी टीवी में काम करता हूं , बाल ठाकरे की राजनीति से नफरत है...मैं उनके साथ खडा होना नही चाहता,लेकिन कामेडी का कॉकटेल, या शनि की पूजा कैसे हो, या आज भगवान भी देखेंगे इंडिया टीवी जैसे कार्यक्रम भी देखने की हिम्मत नही होती. क्या करू...पहले शिवराज पाटिल का हाथ जोडकर विनती करना , फिर बाल ठाकरे का लेख...मन में कई सवाल है...please suggest

टिप्पणियाँ

फ़िरदौस ख़ान ने कहा…
आपने सही कहा है...
बेनामी ने कहा…
वैसे बाल ठाकरे भी तो आपके साथ खड़े नहीं होना चाहते हैं।
हिसाब बराबर
ajay kumar jha ने कहा…
aapne kaimre ke us taraf khade hokar bhee is taraf se dekh liya , bahut bahut dhanyavaad, ye kangaalee kaa daur hai janaab, saahitya, raajneetee, to patrakaaritaa kyon nahin, bahut chhote mein bada lamba keh gaye aap.

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