नीरज बधवार
नमस्कार, मैं हूं अशोक कुमार। स्वागत है आपका हमारे खास कार्यक्रम 'उनकी फुरसत हमारी खबर' में। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद क्या कर रहे हैं टीम इंडिया के सितारे, अगले एक घंटे में हम इसका जायजा लेंगे। सबसे पहले रुख करेंगे दिल्ली का, जहां मौजूद हैं हमारे संवाददाता धुरंधर सिंह। हां, तो धुरंधर बताएं। जी.. अशोक, इस वक्त मैं मौजूद हूं एक हेयर सैलून के बाहर। मैं बताना चाहूंगा कि अभी-अभी टीम इंडिया के तेज गेंदबाज प्रशांत शर्मा अंदर गए हैं। उनके यहां आने को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि कटिंग कराने आए हैं तो कुछ का मानना है कि शेव कराने। वहीं ऐसे भी लोग हैं जो कह रहे हैं कि उन्नीस साल की उम्र में शेव तो उनके अभी ठीक से आई नहीं, वो तो यहां जीरो नम्बर मशीन फिरवाने आए हैं। लेकिन मैं आपको बताना चाहूंगा कि सूत्रों से जो हमें खबर मिल रही है उसके मुताबिक वो यहां आई ब्रो बनवाने आए हैं। सूत्र बताते हैं कि जो मीडिया कंपनी प्रशांत के बिजनस प्रमोशन का काम देख रही है उसको लगता है कि गेंद फेंकने के बाद प्रशांत जब बल्लेबाज को देखते हुए आईब्रो रेज करते हैं, तो उनकी स्क्रीन प्रजेंस अच्छी नहीं आती। इसलिए कम्पनी ने उन्हें सलाह दी है कि वो आइब्रो बनवा लें। तभी अशोक कुमार बीच में काटता है। मगर बड़ा सवाल यह है कि क्या इतनी कम उम्र में उन्हें थ्रेडिंग करानी चाहिए। मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बता सकता हूं कि एक बार अगर आप धागा लगवा लें तो आपको हर महीने नाई के पास जाना पड़ता है। चलिए, तो हम सीधे दर्शकों से पूछते हैं कि वो इस बारे में क्या सोचते हैं। आप बताएं क्या उन्नीस साल की उम्र में प्रशांत को थ्रेडिंग करानी चाहिए। आपका जवाब हां या ना, जो भी हो स्क्रीन पर दिए नम्बर पर हमें एसएमएस कर बताएं। और आइए अब चलते हैं भारतीय टीम के कप्तान के शहर रांची में, जहां मौजूद हैं हमारे संवाददाता मुफ्त लाल। तो मुफ्त लाल बताएं क्या खबर है? अशोक मैं इस वक्त रांची के मेन मार्केट में मौजूद हूं जहां टीम इंडिया के कप्तान अपने भाई के साथ दही खरीदने आए हैं। हमने जब उनसे पूछा कि दही खरीदने वो बाजार क्यों आएं हैं तो उनका कहना था कि दही के मामले में मैं काफी चूजी हूं। इसलिए खुद ही बाजार आता हूं। और जब उनसे पूछा गया कि आपकी माता जी घर पर दही नहीं जमाती तो उन्होंने हंसते हुए बताया कि आप तो जानते हैं कि मैं दूध का कितना शौकीन हूं, सारा दूध मैं ऐसे ही पी जाता हूं। दही जमाने लायक बचता ही नहीं है। लेकिन अशोक उन्होंने यह बताने से साफ इनकार कर दिया वो इस दही का क्या करेंगे। अशोक फिर बीच में कूदता है। तो मुफ्त लाल आपका कहना है कि कैप्टन साहब ने यह बताने से सरासर इनकार कर दिया कि वो दही का क्या करेंगे? ये तो अपने आप में बड़ी बात है। चलिए हम अपने दर्शकों से पूछते हैं, आप बताएं क्या लगता है आपको, कप्तान साहब दही का क्या करेंगे? इसके लिए आपके पास चार ऑप्शंस हैं। ऑप्शन ए: क्या वो दही का बूंदी वाला रायता बनाएंगे? ऑप्शन बी: क्या वो दही को मिक्सी में फेंट कर उसकी लस्सी बनाएंगे? ऑप्शन सी: क्या वो दही की कढ़ी बनाएंगे? या फिर ऑप्शन डी: क्या वो बालों को मुलायम बनाने के लिए दही को सिर में लगाएंगे? आप हमें अपने जवाब आज शाम सात बजे तक हमारी वेबसाइट, उनकी फुरसत हमारी खबर डॉट काम पर ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। इसके अलावा आप हमें फलां नम्बर पर एसएमएस भी कर सकते हैं। या फिर हमें इन नम्बरों पर कॉल कर सकते हैं। ये नम्बर बिजी हों तो आप मेरे नम्बर पर भी मुझे कॉल कर सकते हैं। और फोन पर अगर आप पैसे बर्बाद नहीं करना चाहते तो मिस कॉल भी कर सकते हैं। हमारा आदमी पलट कर आपको फोन कर लेगा।
ये लेख नवभारत टाइम्स में ही है http://navbharattimes.indiatimes.com
Saturday, March 22, 2008
उनकी फुरसत, हमारी खबर
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7 टिप्पणियाँ:
आप को होली की बहुत-बहुत बधाई।
मस्त लिखा है. आपके लेख पे पात्र बदले हुए है बाकी तो है कहानी रोज़ की.
मजा आगया!
सही!!! आपको होली बहुत-बहुत मुबारक.
bahut badhia
मजेदार........
रचना पसंद करने के लिए आप सभी का बेहद शुक्रिया। Thanks once again
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