संदेश

मीडिया कर्मियों के लिए सबक

जो मैंने सीखा

जिदगीं ना मिलेगी दोबारा

दिलो में तुम अपनी बेताबियां लेकर चल रहे हो तो ज़िंदा हो तुम

दिल आखिर तू क्यों रोता है

दांत संभाल के